ई20 ईंधन और माइलेज का गणित: नितिन गडकरी ने स्पष्ट की सरकार की नीति, प्रीमियम पेट्रोल की बढ़ती मांग ने खड़ा किया नया सवाल भारत सरकार देश की ऊर्जा निर्भरता को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एथनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में ई20 (E20) ईंधन के प्रभावों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर अपनी बात रखी है। जहां एक ओर सरकार इसे भविष्य का ईंधन बता रही है, वहीं उपभोक्ताओं के मन में माइलेज और वाहन की सेहत को लेकर कई सवाल हैं। गडकरी ने स्वीकार किया है कि ई20 ईंधन से माइलेज पर मामूली असर पड़ सकता है, लेकिन इसके दीर्घकालिक लाभ कहीं अधिक बड़े हैं। ई20 और माइलेज का संबंध: क्या कहते हैं आंकड़े? पेट्रोलियम मंत्रालय और नितिन गडकरी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, E20 ईंधन (20% एथनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण) के उपयोग से वाहनों के माइलेज में लगभग 5 प्रतिशत तक की गिरावट देखी जा सकती है। इसका मुख्य कारण यह है कि एथनॉल की ऊर्जा घनत्व (Energy Density) शुद्ध पेट्रोल की तुलना में कम होती है। हालां...
मध्य पूर्व में महायुद्ध की आहट: अमेरिकी एयरस्ट्राइक से दहला ईरान, क्या निशाने पर है परमाणु संयंत्र? पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर की गई ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक ने पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंकाओं को गहरा कर दिया है। वर्ल्ड प्रेस इंडिया की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों ने न केवल ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को चोट पहुंचाई है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गलियारों को भी प्रभावित किया है। इस बीच, तेहरान के इस दावे ने वैश्विक समुदाय की चिंता बढ़ा दी है कि अमेरिका के निशाने पर अब ईरान का बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr Nuclear Power Plant) भी है। यह स्थिति न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है। अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले और 'शाहिद टर्मिनल' की तबाही अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के भीतर कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाते हुए भीषण बमबारी की है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई में ईरान का 'शाहिद टर्मिनल...